चन्द्र ग्रहण

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  • 11/9/22

चन्द्र ग्रहण



चंद्र ग्रहण/Lunar eclipse  8 नवम्बर2022 :
साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 8 नवंबर को है।यह चंद्र ग्रहण मेष राशि भरणी नक्षत्र में लगने जा रहा है। ☀️चंद्र ग्रहण की शुरुआत 8 नवंबर को दोपहर 2:39 बजे से, ☀️भारत में इसे शाम 4 :39 मिनट पर देखा जा सकेगा ☀️ ग्रहण समाप्ति काल शाम 6 बजकर 19 मिनट रहेगा|

08 नवंबर को साल का आखिरी ग्रहण होगा। कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा इस कारण से इसका सूतक काल मान्य होगा। ऐसे में ग्रहण के लगने के 09 घंटे पहले से सूतक काल लग जाएगा। सूतक का अर्थ है कि जब प्रकृति संवेदनशील स्थिति में होती है। शास्त्रों में सूतक काल को अशुभ माना गया है इसलिए सूतक लगने पर पूजा-पाठ,धार्मिक अनुष्ठान और शुभ काम नहीं किए जाते हैं। मंदिर के पट बंद हो जाते हैं। ग्रहण में न तो खाना पकाया जाता है और न ही खाना खाया जाता है। ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप और ग्रहण के बाद गंगाजल से स्नान और दान किया जाता है। ग्रहण की समाप्ति होने पर पूरे घर में गंगाजल से छिड़काव किया जाता है।
चंद्र ग्रहण जिस वक्त दिखाई देगा, उस वक्त चांद की चाल पूर्व की तरफ होगी। मतलब उदय होते चंद्र को ग्रहण लगेगा। चंद्र ग्रहण को सबसे ज्यादा साफ पश्चिम बंगाल के कोलकाता और सिलिगुड़ी, असम के गुवाहाटी, बिहार के पटना, झारखंड के रांची और देश की राजधानी दिल्ली में साफ देखा जा सकता है। इसके अलावा कोहिमा, अगरतला, भुवनेश्वर में पूर्ण ग्रहण लगेगा। श्रीनगर, अहमदाबाद, मुंबई, नागपुर, पुणे, नोएडा, गुरुग्राम, चंडीगढ़, बंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, सूरत, जयपुर, लखनऊ, मदुरै, उदयपुर, और भारत के पश्चिम, दक्षिण और उत्तर भागों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा।
यह चंद्र ग्रहण 08 नवंबर 2022 को मेष राशि और भरणी नक्षत्र में लगेगा। मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगल हैं जो कि वक्री अवस्था में है । इसके अलावा चंद्रमा राहु के साथ मौजूद होंगे और सूर्य केतु,शुक्र और बुध के साथ स्थित होंगे। देवगुरु बृहस्पति अपनी स्वयं की राशि मीन और शनिदेव भी अपनी स्वयं की राशि मकर में विराजमान रहेंगे।

चंद्र ग्रहण के दौरान न करें ये काम:

?चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन बनाना और खाना दोनों ही वर्जित है।
?चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की मूर्ति पूजा अर्चना नहीं करनी चाहिए। घर के मंदिर पर पर्दा लगा दें।
?चंद्र ग्रहण के दौरान जितना हो सके सोने से बचें। जितनी देर ग्रहण लगे उतनी देर भगवान के नाम का जाप करें।
?गर्भवती महिलाओं के ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
?गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण दौरान चाकू या कैंची का भी इस्तेमाल न करें।
?चंद्र ग्रहण के दौरान पेड़-पौधों को भी छूने से बचना चाहिए।

ग्रहण शुरू होने से पहले यानी सूतक काल प्रभावी होने पर पहले से ही खाने-पीने की चीजों में पहले से तोड़े गए तुलसी के पत्ते को डालकर रखना चाहिए।ग्रहण के दौरान अपने इष्ट देवी-देवताओं के नाम का स्मरण करना चाहिए।ग्रहण के दौरान इसके असर को कम करने के लिए चंद्रमा से जुड़े हुए मंत्रों का जाप करना चाहिए।
ग्रहण खत्म होने पर पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें।साफ- स्वच्छ वस्त्र पहन लें।

घर के मंदिर में भी गंगा जल का छिड़काव करें।भगवान का गंगा जल से अभिषेक करें।ग्रहण खत्म हो जाने के बाद गाय को रोटी जरूर खिलाएं।
कुछ सामान्य उपाय जो सभी राशियों को करना चाहिए: दान सामग्री- श्वेत वस्त्र, चावल, सफेद पुष्प, शक्कर, कपूर, मोती, चांदी, शंख, घृतपूर्ण, कुंभ, मिश्री, दूध-दही, स्फटिक आदि।गाय को चारा खिलाएं व हरिजन को पहने हुए वस्त्र दे।जल में मिश्री मिलाकर चंद्र देव को अर्घ्य देना चाहिए।
चंद्रमा के विभिन्न मंत्र मानसिक शांति सुख समृद्धि व अर्थ लाभ हेतु:
?चन्द्रमा का नाम मंत्र – ॐ सों सोमाय नम:।
?चंद्रमा गायत्री मंत्र – ॐ भूर्भुव: स्व: अमृतांगाय विदमहे कलारूपाय धीमहि तन्नो सोमो प्रचोदयात्।
?चंद्रमा का पौराणिक मंत्र- दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णव सम्भवम। नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुट भूषणं ।।
?चन्द्रमा के तांत्रोक्त मंत्र-
ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।
ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:।
ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम: ।

?चंद्र ग्रहण पर राशि अनुसार उपाय

?️मेष राशि: मेष राशि अग्नि तत्व की राशि है जिसके स्वामी मंगल हैं। चूँकि चंद्र ग्रहण आपकी राशि और भरणी नक्षत्र में है अतः यह चंद्रग्रहण आपके लिए शुभ नहीं व स्वास्थ्य को लेकर विशेष सजग रहे। वाहन सावधानी से चलाएँ।ग्रहण के वक्त सुंदरकांड या मारुति स्तोत्र का पाठ करें और मंगल के मंत्रों का जाप करें। ग्रहण की समाप्ति के बाद मंदिर को साफ-सुथरा करके हनुमानजी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं।

?️वृषभ राशि: परिवार वालों के साथ मतभेद , आँखों की समस्या , आर्थिक हानि हो सकती है। अस्पताल के चक्कर भी कर सकते हैं ।आपको ग्रहण के वक्त भगवान शिव का नाम जपना चाहिए और रुद्राक्ष का महामहिम स्तोत्रमहामृत्‍युंजय मंत्र पढ़ते रहना चाहिए। अगर आप लगातार पढ़ नहीं सकते हैं तो ओडियों भी सुन सकते हैं।
?️मिथुन राशि: आपके लिए ग्रहण सामान्य फलदायी है । जो पैसा आने वाला है उसमें विलंब की संभावना है।सामाजिक मान प्रतिष्ठा को लेकर सावधान रहें किसी आवश्यक मीटिंग के लिए जा रहे हो तो संभव हो तो उसे स्थगित करदे। ग्रहण को लेकर आपको विशेष चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है ।आपको ग्रहण के दौरान ऊं नमो नारायणाय नमः का जप करते रहना चाहिए। गणेशअथर्वशीर्ष पढ़ें या सुने। मिथुन राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण के दिन कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से आर्थिक क्षेत्र में सुधार आएगा।

?️कर्क राशि: ये ग्रहण आपके कर्मक्षेत्र को विशेष रूप से प्रभावित कर सकता है कार्यस्थल पर धैर्य और संयम बना के रखे ,किसी भी वाद विवाद में न पड़ें ।पिता की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है और उच्च अधिकारियों से अनबन संभव। चंद्रग्रहण के बाद सफेद वस्तुओं का दान करना चाहिए। ग्रहण के दौरान लगातार ‘ॐ सोम सोमाय नमः’ का जाप करना चाहिए। बजरंग बाण का पाठ करें ।

?️सिंह राशि:अचानक यात्रा के योग परेशानी खड़ी कर सकते हैं ।अगर व्यावसायिक यात्रा के लिए जा रहे हैं तो कुछ समय के लिए प्रतीक्षा करें ।धार्मिक कार्यों में यथासंभव योगदान करें।भाई-बहनों के साथ संबंधों में तनाव की संभावना । नारायण कवच या आदित्‍यहृदय स्रोत का पाठ करे।गेहूं गुड़,जो बादाम आदि का दान करें। बाद में गरीबों केा अनाज का दान करना चाहिए।

?️कन्या राशि: आपकी राशी में यह संयोग और संभावनाओं का समय है ।विशेष रूप से अचानक सेहत ख़राब हो सकती है और अचानक आर्थिक संकट भी उपस्थित हो सकते हैं। घर के बुजुर्गों की सेहत को लेकर भी चिंता की संभावना। ग्रहण के दौरान दुर्गा सप्‍तशती का पाठ करें व दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का जाप करें ।ग्रहण के बाद भी पंचामृत से शिव जी का अभिषेक अवश्य करें।

?️तुला राशि: चंद्रग्रहण की वजह से आपको दांपत्य संबंधों में तनाव की संभावना ,व्यवसाय में बाधाएँ व मानसिक अशांति । ग्रहण काल में भिखारियों, कोढ़ियों, पशु-पक्षियों को भोजन देना तथा अन्य प्रकार से सहायता पहुंचाना लाभदायी है।“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें वे आरोग्य मंत्र पढ़े। ग्रहण के बाद गंगाजल से शिवजी का अभिषेक करें।

?️वृश्चिक राशिः दुर्घटना की संभावना ,नौकरी में परेशानी ,दिनचर्या में बदलाव ,ननिहाल पक्ष से अशुभ समाचार की संभावना,कर्ज़ को लेकर मानसिक तनाव। ग्रहण के समय हनुमान चालिसा का 108 बार पाठ करना चाहिए। ग्रहण समाप्ति के बाद हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाएं व प्रसाद अर्पण करें।

?️धनु राशिः पाचन संबंधी समस्याएं ,संतान पक्ष को लेकर चिंता की संभावना ,प्रेम संबंधों में तनाव ,सही निर्णय ले पाने में अक्षमता महसूस करेंगे । महत्वपूर्ण निर्णय संभव हो तो दो तीन दिन के बाद लें।गुरु मंत्र का जाप करें। मंत्र ‘ऊं ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवे नम:’ का जाप फलदायी होता है। दक्षिणामूर्ति स्तोत्र पढ़ें या सुने।

?️मकर राशि: पारिवारिक कलह से मानसिक अशांति की संभावना ,वाहन व घर के रख रखाव पर अचानक ख़र्चा करना पड़ सकता है।माता की सेहत को लेकर सजग रहे। चंद्रस्तोत्र या चंद्रगायत्री मंत्र – ॐ भूर्भुव: स्व: अमृतांगाय विदमहे कलारूपाय धीमहि तन्नो सोमो प्रचोदयात का जाप करें तथा तेल, लोहा, काला कपड़ा ,छाता ,चप्पल आदि वस्तुओं का दान गरीब व्यक्ति को करें ।ग्रहण उपरांत शिवजी का गंगाजल से अभिषेक करें।

?कुंभ राशि: आपके लिए यह ग्रहण सामान्य फलदाई है चिंता की आवश्यकता नहीं है चंद्र ग्रहण के सामान्य उपाय करें।

?मीन राशि: कुटुंब में अचानक तनाव, आंख व गले संबंधी समस्या ,आर्थिक हानि की संभावना । वाणी का विशेष रूप से संयम, रखें यथासंभव कम बोलने का प्रयास करें।ॐ सों सोमाय नम: या ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम मंत्र का जाप करें ग्रहण के पश्चात शिवजी का शहद से अभिषेक करें।

 

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